गढ़वा। नगर निकाय चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने उम्मीदवारों की पात्रता संबंधी नए और कड़े निर्देश जारी किए हैं। आयोग के अनुसार जिन अभ्यर्थियों की दो से अधिक संतान हैं और उनकी अंतिम संतान का जन्म 9 फरवरी 2013 के बाद हुआ है, वे चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि गोद ली गई और जुड़वा संतान को भी कुल संतान संख्या में गिना जाएगा।

निर्वाचन आयोग के सचिव राधे श्याम प्रसाद ने सभी जिलों के उपायुक्तों को पत्र भेजकर निर्देश दिया है कि महापौर, अध्यक्ष और वार्ड सदस्य पद के इच्छुक अभ्यर्थी अपनी संतान संख्या का स्वघोषणा पत्र नामांकन पत्र के साथ अनिवार्य रूप से संलग्न करें।
आयोग ने बताया कि दो से अधिक संतान वाले अभ्यर्थी केवल तभी अयोग्य माने जाएंगे, जब उनकी अंतिम संतान का जन्म 09 फरवरी 2013 के बाद हुआ हो। यदि उक्त तिथि तक उनकी दो से अधिक संतान थीं और बाद में कोई वृद्धि नहीं हुई है, तो ऐसे अभ्यर्थी चुनाव लड़ने के पात्र होंगे।

इसके अलावा आयोग ने यह भी निर्देश दिया है कि नगर निकाय चुनाव में बकाया कर, शुल्क या किराया जमा किए बिना कोई भी उम्मीदवार नामांकन दाखिल नहीं कर सकेगा। बकाया चुकाने का प्रमाणपत्र नामांकन के साथ अनिवार्य रूप से देना होगा।

इन निर्देशों के बाद नगर निकाय चुनाव में उतरने की तैयारी कर रहे संभावित उम्मीदवारों के बीच हलचल तेज हो गई है।
Author: संजय कुमार यादव
संवाददाता








