गढ़वा गोविंद हाई स्कूल मैदान (टाउन हॉल मैदान) में रविवार को झारखंड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ, जिला इकाई गढ़वा की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में जिले के सभी प्रखंडों से बड़ी संख्या में मनरेगा कर्मी शामिल हुए। कार्यक्रम में प्रदेश संरक्षक देवेंद्र उपाध्याय, प्रदेश उपाध्यक्ष विकास पांडेय, पलामू जिला अध्यक्ष पंकज सिंह सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में गढ़वा जिले में मनरेगा कर्मियों की बर्खास्तगी के मुद्दे पर गंभीर चर्चा हुई। सभी वक्ताओं ने इसे अन्यायपूर्ण और अलोकतांत्रिक करार दिया।

प्रदेश संरक्षक देवेंद्र उपाध्याय ने कहा कि 18 वर्षों से सेवा दे रहे मनरेगा कर्मियों को बिना सुनवाई और बिना न्यायिक प्रक्रिया के बर्खास्त करना पूरी तरह गलत है। यदि बर्खास्त कर्मियों को बहाल नहीं किया गया तो पूरे झारखंड के मनरेगा कर्मी हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे।
प्रदेश उपाध्यक्ष विकास पांडेय ने कहा कि एक ही कर्मचारी पर एक साथ धन वसूली, एफआईआर और बर्खास्तगी जैसी तीन कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया का स्पष्ट उल्लंघन है। उन्होंने बर्खास्त कर्मियों की तत्काल बहाली की मांग की।
पलामू जिला अध्यक्ष पंकज सिंह ने बिना जांच और स्पष्टीकरण के की गई बर्खास्तगी को अलोकतांत्रिक बताते हुए कहा कि गढ़वा ही नहीं, पूरे प्रदेश में आंदोलन तेज किया जाएगा।
सर्वसम्मति से लिए गए प्रमुख निर्णयों में 1 दिसम्बर को समाहरणालय में आक्रोश प्रदर्शन कर उपायुक्त को ज्ञापन सौंपना, एक सप्ताह तक काला बिल्ला लगाकर विरोध जताना और 8 दिसम्बर से कार्य बहिष्कार कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की घोषणा शामिल है।
जिला अध्यक्ष अभिमन्यु तिवारी ने सभी मनरेगा कर्मियों से तन-मन-धन से एकजुट होकर आंदोलन को सफल बनाने की अपील की।
Author: संजय कुमार यादव
संवाददाता








