हेमंत सरकार पर बालू संकट को लेकर भाजपा का प्रहार

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

भाजपा जिला मीडिया प्रभारी रितेश चौबे ने हेमंत सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि झामुमो सरकार में बालू के लिए जनता त्राहिमाम कर रही है। बालू टेंडर प्रक्रिया को जटिल बनाकर हेमंत सरकार बालू माफिया को संरक्षण दे रही है। बालू के अभाव में गरीब जनता के निर्माण कार्य बाधित हैं। मजबूरी में कई लोग मोटा पैसा खर्च कर बिहार सहित अन्य राज्यों से बालू मंगाकर काम करने को विवश हैं।

उन्होंने बताया कि कुछ दिनों पहले टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन रेट इतना ज्यादा रखा गया कि कोई भी ठेकेदार शामिल नहीं हुआ। सरकार यदि अधिक रेट पर टेंडर निकालेगी तो स्वाभाविक है कि केवल बालू माफिया ही इतनी ऊंची बोली लगा पाएंगे।

रितेश चौबे ने कहा कि हेमंत सरकार सत्ता के मद में निरंकुश हो चुकी है और माफियाओं को संरक्षण देकर जनता का शोषण कर रही है। कुछ दिन पहले सरकार की ओर से दावा किया गया था कि बालू के अधिकार पंचायत को दे दिए गए हैं, लेकिन अभी तक पंचायत प्रतिनिधियों को इसकी कोई औपचारिक जानकारी नहीं दी गई है।

उन्होंने आरोप लगाया कि झामुमो सरकार जनता को बालू जैसी मूल आवश्यकता भी उपलब्ध नहीं करा पा रही है। झारखंड के इतिहास में हेमंत सरकार सबसे भ्रष्ट और लापरवाह सरकार साबित हो चुकी है। बालू के संकट से जनता जूझ रही है, लेकिन सरकार पूरी तरह संवेदनहीन बनी हुई है।

चौबे ने कहा कि 2013 से पहले भाजपा सरकार में बालू जनता को मुफ्त उपलब्ध कराया जाता था, लेकिन 2013 में पहली बार हेमंत सरकार बनने के बाद बालू का कारोबार शुरू किया गया, जिसके कारण खनिज संपदा से समृद्ध राज्य में भी लोग बालू के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इससे साफ होता है कि झामुमो सरकार निरंकुश रवैया अपना रही है।

अंत में उन्होंने कहा कि यदि झामुमो सरकार जनता को बालू उपलब्ध नहीं करा पा रही है तो मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।

संजय कुमार यादव
Author: संजय कुमार यादव

संवाददाता

और पढ़ें