झारखण्ड ऑफिसर्स टीचर्स एंड एंप्लॉई फेडरेशन जिला ईकाई गढ़वा के जिलाध्यक्ष सह व्याख्याता सुशील कुमार ने आज बोधिसत्व,सिंबल ऑफ नॉलेज, महान समाज सुधारक, विद्वत अर्थशास्त्री एवं संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर जी की 135वीं जन्मदिन के अवसर पर साहिजना मोड़ स्थित आदमकद प्रतिमा को माल्यार्पण किया।
जिलाध्यक्ष सुशील कुमार ने अपने संबोधन में बाबा साहब को याद करते हुए कहा कि डॉ अम्बेडकर के विचार वंचितों के सशक्तिकरण, जाति आधारित भेदभाव के उन्मूलन, महिला अधिकारों और शिक्षित,संगठित और संघर्षों के मूलमंत्र के माध्यम से आधुनिक भारत में समावेशी विकास की नींव को मजबूत कर रहे हैं। इनके विचार एक ऐसे समतामूलक और सशक्त भारत के लिए आज भी प्रासंगिक हैं जहां हर नागरिक को सम्मान और न्याय मिले। इन्होंने सभी वर्ग,समाज, जाति और धर्म के लिए भारतीय संविधान में समानता,शिक्षा एवं कई प्रकार के मौलिक अधिकारों को बड़ी दृढ़ता के साथ स्थान दिया।परन्तु,खेद के साथ यह कहना पड़ रहा है कि इनकी चाहे शुभ जन्मदिवस हो या पुण्यतिथि हो; न तो इन्हें नमन करते हैं और न ही श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। इन्होंने तो समतामूलक, स्वतंत्रता की गरिमा से पूर्ण बंधुता वाले एक समाज के निर्माण के लिए भारत देश की जनता से आह्वान किया था। हमें डॉ अम्बेडकर से नफरत नहीं, उन्हें सम्मान करना चाहिए और इनके बताए हुए सदमार्गो का अनुसरण करना चाहिए।क्योंकि “मोर यू रीड हिम; मोर यू विल नीड हिम।”
Author: संजय कुमार यादव
संवाददाता










