गढ़वा। वरिष्ठ पत्रकार आशुतोष रंजन सिन्हा के असामयिक निधन से पूरे पत्रकारिता जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। पेट में संक्रमण के कारण उनका गढ़वा के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से उनके परिवार, सहयोगियों और शुभचिंतकों में गहरा दुख व्याप्त है।आशुतोष रंजन सिन्हा अपनी बेबाक लेखनी और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए जाने जाते थे। उनकी कलम की गूंज दूर तक सुनाई देती थी और उन्होंने अपनी निर्भीक पत्रकारिता से समाज में कई अहम मुद्दों को उजागर किया। पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्होंने सच्चाई और निष्पक्षता की जो मिसाल पेश की, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी रहेगी।उन्होंने अपने जीवनकाल में पत्रकारिता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का कार्य किया। उनके लेखों और रिपोर्टों ने न केवल सामाजिक जागरूकता फैलाई, बल्कि प्रशासन और जनता के बीच संवाद का एक मजबूत माध्यम भी प्रदान किया।आशुतोष रंजन सिन्हा के निधन की खबर सुनते ही पत्रकारिता जगत, सामाजिक संगठनों और प्रशासनिक अधिकारियों में शोक की लहर दौड़ गई। विभिन्न पत्रकार संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, चिकित्सा जगत और प्रशासनिक अधिकारियों ने गहरी संवेदना व्यक्त की है।उनके योगदान को याद करते हुए गढ़वा के वरिष्ठ पत्रकारों ने कहा कि आशुतोष रंजन सिन्हा का जाना पत्रकारिता जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उनकी लेखनी ने कई महत्वपूर्ण विषयों को प्रमुखता दी, जिससे समाज में जागरूकता और सुधार संभव हुआ।उनकी पत्रकारिता का प्रभाव सदैव जीवंत रहेगा। उनके बेबाक विचार, निष्पक्ष लेखनी और सामाजिक सरोकारों के प्रति उनकी निष्ठा हमेशा लोगों को याद रहेगी। उनके जाने से जो रिक्तता उत्पन्न हुई है, उसे भर पाना आसान नहीं होगा।
Author: संजय कुमार यादव
संवाददाता










