भीषण गर्मी में विद्यालय समय बढ़ाने के आदेश पर शिक्षक संगठन का विरोध

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गढ़वा।स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, झारखण्ड सरकार के संयुक्त सचिव द्वारा जारी पत्र में विद्यालयों की शैक्षणिक अवधि में बदलाव और शिक्षकों को अपराह्न एक बजे तक विद्यालय में बने रहने के निर्देश पर गढ़वा में विरोध शुरू हो गया है। झारोटेफ जिला इकाई गढ़वा के जिलाध्यक्ष सुशील कुमार ने इसे अव्यवहारिक एवं असंवेदनशील बताते हुए कड़ा रोष व्यक्त किया है।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि हर वर्ष अप्रैल से जून के बीच पलामू-गढ़वा क्षेत्र में भीषण गर्मी और हीट वेव का प्रकोप रहता है, जिससे विद्यार्थियों और शिक्षकों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। ऐसी स्थिति में दोपहर एक बजे तक विद्यालय संचालित करना न तो सुरक्षित है और न ही व्यावहारिक। उन्होंने बताया कि मौसम विभाग भी समय-समय पर हीट वेव को लेकर चेतावनी जारी करता रहता है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि बोकारो जिले में स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए उपायुक्त और जिला शिक्षा पदाधिकारी ने विद्यालयों का समय प्रातः 7 बजे से 10 बजे तक निर्धारित किया है, लेकिन गढ़वा जिले में अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने कहा कि सुबह आठ बजे से ही गर्म हवाएं चलने लगती हैं और दोपहर में छुट्टी होने पर बच्चों को चिलचिलाती धूप में घर लौटना पड़ता है, जिससे सनस्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी विद्यालयों में अधिकतर गरीब एवं अभावग्रस्त बच्चे पढ़ते हैं, जो अक्सर बिना भोजन के विद्यालय पहुंचते हैं। ऐसे में तेज गर्मी में उनकी स्थिति और गंभीर हो सकती है। वहीं दूर-दराज के विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को भी प्रतिदिन लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ जाती है।
जिलाध्यक्ष ने विभागीय निर्देश को “तुगलकी फरमान” बताते हुए कहा कि शिक्षकों को छुट्टी के बाद भी एक घंटे तक विद्यालय में रोकना पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि शिक्षक ही अस्वस्थ हो जाएंगे तो बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा कैसे मिल पाएगी।
अंत में उन्होंने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से मांग की है कि वर्तमान भीषण गर्मी को देखते हुए विद्यालयों का समय प्रातः 7 बजे से 11 बजे तक किया जाए और छात्रों के साथ-साथ शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक निर्णय लिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया और कोई अनहोनी होती है, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी।

संजय कुमार यादव
Author: संजय कुमार यादव

संवाददाता

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