एक अगस्त से आंगनवाड़ी कर्मी करेंगी हड़ताल

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गढ़वा। पोषण ट्रैकर ऐप और आंगनवाड़ी केंद्रों में डिजिटल रिपोर्टिंग के विरोध में जिले भर की आंगनवाड़ी सेविकाएं 1 अगस्त से हड़ताल पर जाएंगी। इस दौरान सभी आंगनवाड़ी केंद्र बंद रहेंगे। यह जानकारी झारखंड प्रदेश आंगनवाड़ी वर्कर्स यूनियन के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष बालमुकुंद सिन्हा ने एक प्रेस वार्ता के दौरान दी।

उन्होंने बताया कि पोषण ट्रैकर ऐप और डिजिटल रिपोर्टिंग व्यवस्था लागू किए जाने से न केवल आंगनवाड़ी कर्मियों को, बल्कि लाभुकों को भी कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऑनलाइन डाटा और जमीनी हकीकत में भारी अंतर है। साथ ही फेस रिकग्निशन सिस्टम (FRS) भी कर्मियों और लाभुकों के लिए परेशानी का कारण बन गया है।

बालमुकुंद सिन्हा ने कहा कि जब तक एफआरएस प्रमाणीकरण की अनिवार्यता को रद्द नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने यह भी मांग की कि डिजिटल रिपोर्टिंग के लिए पहले सभी आंगनवाड़ी केंद्रों को कंप्यूटर या लैपटॉप और 4G या 5G कनेक्टिविटी वाले उच्च गुणवत्ता के स्मार्टफोन उपलब्ध कराए जाएं।

उन्होंने आगे कहा कि आंगनवाड़ी सेविकाएं 62 साल तक सरकार के हर कार्य में सहयोग करती हैं, लेकिन सेवा समाप्ति के बाद उन्हें केवल व्हाट्सएप संदेश के जरिए हटा दिया जाता है, जो बेहद अपमानजनक है। उन्होंने बंगाल की तर्ज पर झारखंड में भी सेवा-निवृत्ति के बाद आंगनवाड़ी सेविकाओं को 5 लाख रुपये नकद और मानदेय की आधी राशि पेंशन के रूप में देने की मांग की।

साथ ही उन्होंने बीएलओ (BLO) के कार्य से भी आंगनवाड़ी सेविकाओं को मुक्त करने की मांग रखी ताकि वे अपने केंद्र के कार्यों पर बेहतर ध्यान दे सकें।

प्रेस वार्ता के मौके पर यूनियन की जिला अध्यक्ष कौशल्या देवी, सुषमा देवी, नीलम देवी, इस्लाम अंसारी सहित कई अन्य सदस्य मौजूद थे।

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संजय कुमार यादव
Author: संजय कुमार यादव

संवाददाता

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