गढ़वा में इस सप्ताह बुधवार को हुए “कॉफी विद एसडीएम” कार्यक्रम में तमाम समितियों ने अपनी-अपनी समस्याएं रखीं, लेकिन सबसे अहम और असरदार मुद्दा उठाया जय मां शेरावाली संघ, टंडवा के संयोजक युवा समाजसेवी दौलत सोनी ने।

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गढ़वा में इस सप्ताह बुधवार को हुए “कॉफी विद एसडीएम” कार्यक्रम में तमाम समितियों ने अपनी-अपनी समस्याएं रखीं, लेकिन सबसे अहम और असरदार मुद्दा उठाया जय मां शेरावाली संघ, टंडवा के संयोजक युवा समाजसेवी दौलत सोनी ने। यह मुद्दा टंडवा का नहीं बल्कि गढ़वा नगर क्षेत्र के सारे पूजा समितियों से संबंधित मुद्दा था। उन्होंने सोनपुरवा स्थित रामबांध तालाब की बदहाल स्थिति की ओर प्रशासन का ध्यान खींचा। यही तालाब है जहां पूरे नगर की अधिकांश पूजा समितियां मूर्तियों का विसर्जन करती हैं, लेकिन फिलहाल तालाब सौ फीसदी जलकुंभी से पटा हुआ था।

दौलत सोनी ने साफ शब्दों में कहा कि अगर समय रहते तालाब की सफाई नहीं हुई तो विसर्जन के समय गंभीर अव्यवस्था खड़ी हो सकती है और श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंचेगी। उनकी इस पैनी बात का तत्काल असर हुआ और एसडीएम संजय कुमार ने मौके पर ही नगर परिषद को तालाब की सफाई का निर्देश दिया।

नतीजा यह रहा कि 48 घंटे के भीतर ही नगर परिषद ने रामबांध तालाब की सफाई शुरू कर दी। इतनी त्वरित कार्रवाई से स्थानीय लोग हैरान भी हुए और संतुष्ट भी। लोगों का कहना है कि यह संभव हुआ क्योंकि दौलत सोनी ने तालाब का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया और प्रशासन को तत्काल कार्रवाई करने की आवश्यकता महसूस कराई।

इस पूरे घटनाक्रम ने यह भी साबित कर दिया कि जब समाजसेवी अपनी बात ठोस तरीके से रखते हैं तो प्रशासन को भी गंभीर होना पड़ता है। स्थानीय नागरिकों ने दौलत सोनी और SDM संजय कुमार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी सजगता और सक्रियता से इस बार विसर्जन निर्विघ्न तरीके से सम्पन्न होगा।

दौलत सोनी ने भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “यह सिर्फ तालाब की सफाई का मुद्दा नहीं है, यह गढ़वा की आस्था और संस्कृति से जुड़ा प्रश्न है। जब जनता की समस्या सामने आती है तो मेरी जिम्मेदारी है कि मैं उसे मजबूती से उठाऊं। खुशी है कि प्रशासन ने भी इसे गंभीरता से लिया।”

संजय कुमार यादव
Author: संजय कुमार यादव

संवाददाता

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