गढ़वा: जिले में कार्यरत नियमित एवं अनुबंधित एनएचएम (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) के पारा मेडिकल कर्मियों द्वारा असैनिक शल्य चिकित्सक-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, गढ़वा के विरुद्ध अकारण सामूहिक स्थानांतरण किए जाने को लेकर रोष प्रकट किया गया है। इस संबंध में उपायुक्त, गढ़वा को एक ज्ञापन सौंपा गया है।
ज्ञापन में कर्मियों ने लिखा है कि वे अल्प मानदेय पर कार्यरत रहकर कर्तव्यनिष्ठा से अपने-अपने कार्यों का निष्पादन कर रहे हैं। इसके बावजूद, सीएमओ के द्वारा बिना कारण स्थानांतरण की प्रक्रिया अपनाई जा रही है, जिससे एएनएम, जीएनएम, लैब टेक्नीशियन सहित अन्य पारा मेडिकल कर्मी मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित महसूस कर रहे हैं।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि झारखंड के 24 जिलों में केवल गढ़वा में ही इस तरह की प्रक्रिया अपनाई जा रही है, जबकि राज्य मुख्यालय अथवा अभियान निदेशक, एनएचएम झारखंड से ऐसा कोई निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है। कर्मियों का कहना है कि यह प्रक्रिया न केवल नियमविरुद्ध है, बल्कि इससे स्वास्थ्य सेवाओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
अंत में कर्मियों ने उपायुक्त से मांग की है कि इस स्थानांतरण प्रक्रिया को अविलंब रद्द किया जाए, ताकि कर्मियों को अनावश्यक मानसिक तनाव से मुक्ति मिल सके। ज्ञापन सपना वालों में शशि रंजन संगीता कुमारी प्रेमलता कुमारी शबाना खातून ज्ञानती कुमारी मुकेश कुमार शमा बानो किरण कुमारी संजू देवी सितम तिर्की अनुपम कुमारी सोनी कुमारी मीना कुमारी अर्चना सिंह इत्यादि लोग शामिल थे
Author: संजय कुमार यादव
संवाददाता










