गढ़वा स्थित ज्ञान निकेतन स्कूल में एक शोकसभा का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यालय के शिक्षकगण, छात्र-छात्राएं और प्रबंधन के सदस्य उपस्थित रहे।शोकसभा में विद्यालय के निदेशक मदन प्रसाद केसरी ने शिबू सोरेन के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “उनका जीवन संघर्षों से भरा रहा। उन्होंने झारखंड की पहचान और अस्मिता के लिए लंबी लड़ाई लड़ी।” उन्होंने यह भी कहा कि “उनकी सोच, विचारधारा और जनहित में किए गए कार्यों से आज भी लाखों लोग प्रेरणा लेते हैं।”कार्यक्रम में छात्रों को बताया गया कि शिबू सोरेन सिर्फ एक नेता नहीं थे, बल्कि वे एक आंदोलन और विचारधारा के प्रतीक थे, जिन्होंने झारखंड को एक अलग राज्य के रूप में पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। निदेशक ने कहा कि “उनके निधन से एक राजनीतिक युग का अंत हो गया है, लेकिन उनके विचार और कार्य सदैव लोगों के दिलों में जीवित रहेंगे।”सभा के अंत में दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। सभा के माध्यम से यह संदेश गया कि संघर्ष, साहस और जनसेवा की मिसाल बने शिबू सोरेन हमेशा झारखंड की आत्मा में बसते रहेंगे।
Author: संजय कुमार यादव
संवाददाता










