नगर परिषद निवर्तमान अध्यक्ष पिंकी केशरी ने अपने घर पर परिवार पहली बार अपने बहु और मोहल्ले वासी माताएं,बहन के साथ मिलकर हरियाली तीज परंपरा और आस्था का पवित्र पर्व मनाया।

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आज नगर परिषद निवर्तमान अध्यक्ष पिंकी केशरी ने अपने घर पर परिवार पहली बार अपने बहु और मोहल्ले वासी माताएं,बहन के साथ मिलकर हरियाली तीज परंपरा और आस्था का पवित्र पर्व मनाया।
इस मौके पर उन्होंने कहा कि यह खासकर सुहागिन महिलाओं का त्योहार माना जाता है, जिसमें वे अपने पति की लंबी उम्र, परिवार की खुशहाली और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं।
हरियाली तीज की आस्था
यह पर्व श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है।
मान्यता है कि इस दिन मां पार्वती ने कठोर तपस्या के बाद भगवान शंकर को पति रूप में प्राप्त किया था।
सुहागिन महिलाएं इस दिन शिव-पार्वती और गणेश जी की पूजा करती हैं और अपने सुहाग की रक्षा व पति के दीर्घायु की कामना करती हैं।

इस दिन घर-आंगन में झूले लगाए जाते हैं, महिलाएं सोलह शृंगार करती हैं और पारंपरिक गीत-संगीत से माहौल को आनंदमय बनाती हैं। सभी माताएं,बहने, सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनती है। प्रायः हरे रंग के कपड़े पहनना शुभ मानती हैं।
व्रत रखा जाता है – जल व फलाहार से भी कई स्त्रियां पूजा करती हैं। पूजा स्थल पर शिवलिंग, माता पार्वती, गणेश और कार्तिकेय की प्रतिमा या चित्र स्थापित किया जाता है। श्रृंगार सामग्री चूड़ी, बिंदी,है सिंदूर, मेहंदी, काजल आदि मां पार्वती को अर्पित की जाती है।
बेलपत्र, दूर्वा, पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य अर्पित कर शिव-पार्वती की विवाह कथा सुनी जाती है।
महिलाएं भगवान से प्रार्थना करती हैं कि –
पति का जीवन लंबा हो,परिवार सुखी और सम्पन्न रहे,
संतान और घर-आंगन में हमेशा मंगलमय वातावरण बनी रहे।
शाम को आरती कर व्रत कथा का पाठ कर महिलाएं अपने पति के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लेती हैं।
यह पर्व पति-पत्नी के प्रेम और विश्वास का प्रतीक है। परिवार में सुख-शांति और समृद्धि बनाए रखने की शक्ति देता है।
स्त्रियां इसे अपने सौंदर्य, श्रृंगार और सुहाग से जोड़कर बड़े उत्साह से मनाती हैं।
इस दिन प्रकृति भी हरे-भरे सौंदर्य से लिपटी रहती है, इसलिए इसे “हरियाली तीज” कहा जाता है।
उन्होंने कहा कि हरियाली तीज न केवल धार्मिक आस्था का पर्व है, बल्कि यह प्रेम, सौंदर्य, खुशहाली और पारिवारिक एकता का संदेश भी देता है।

संजय कुमार यादव
Author: संजय कुमार यादव

संवाददाता

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