IIM बौद्ध गया में 5 दिवसीय प्रशिक्षण: गढ़वा जिले के 7 मुखियाओं ने प्राप्त किया प्रबंधन विकास कार्यक्रम का प्रशिक्षण

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गढ़वा IIM बौद्ध गया में 11 से 15 फरवरी 2025 तक आयोजित 5 दिवसीय प्रबंधन विकास कार्यक्रम (Management Development Program – MDP) में गढ़वा जिले के 7 मुखियाओं ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। इनमें डंडा प्रखंड से वीरेंद्र चौधरी, गढ़वा प्रखंड से रविंद्र राम, मेराल प्रखंड से गौरा देवी, माझिआंव प्रखंड से कुमारी छाया, बिशुनपुरा प्रखंड से प्रमिला देवी, बरडीहा प्रखंड से उमेश प्रजापति और खरोंधी प्रखंड से श्वेता देवी शामिल रहीं।

प्रशिक्षण के दौरान 18 प्रमुख विषयों पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को पंचायत स्तर पर बेहतर प्रबंधन और विकास की रणनीतियाँ सिखाई गईं।

झारखंड पंचायती राज विभाग की पहल

झारखंड पंचायती राज विभाग द्वारा झारखंड के 66 मुखियाओं को पहले बैच के रूप में चयनित किया गया था, जिन्हें IIM बौद्ध गया में MDP प्रशिक्षण में शामिल होना था। इनमें से गढ़वा जिले से 7 मुखिया चयनित हुए, जिन्होंने आवासीय प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न विषयों को सरल भाषा में समझाने का कार्य विशेषज्ञों ने किया।

प्रशिक्षण के प्रमुख विषय और विशेषज्ञों के व्याख्यान

1. ग्रामीण विकास में नवाचार

डॉ. अनूप अनुराग सोरेन ने निम्नलिखित बिंदुओं पर जानकारी दी—

  • डिजिटल साक्षरता: ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देना।
  • कृषि नवाचार: उन्नत तकनीकों से कृषि उत्पादकता और किसानों की आय में वृद्धि।
  • स्वच्छ ऊर्जा: ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देना।

2. प्रबंधन और साझेदारी

डॉ. छवि राजावत (पूर्व सरपंच, सोडा, जिला टोंक, राजस्थान) ने साझा किया—

  • साझेदारी: सरकारी और गैर-सरकारी संगठनों के साथ सहयोग द्वारा विकास कार्यों को गति देना।
  • प्रभावी प्रबंधन: ग्रामीण विकास परियोजनाओं के सफल संचालन हेतु रणनीतियाँ।
  • क्षमता निर्माण: पंचायत स्तर पर नेतृत्व और प्रशासनिक क्षमता को मजबूत करना।

3. पंचायती राज और स्थानीय शासन

IIM बौद्ध गया की निदेशक, प्रो. विनीता एस. सहाय ने बताया—

  • पंचायती राज: स्थानीय शासन को मजबूत कर विकास को गति देना।
  • स्थानीय शासन प्रणाली: पंचायतों के माध्यम से योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल।
  • सामुदायिक भागीदारी: ग्रामीण विकास में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना।

4. डिजिटल प्रौद्योगिकी और नवाचार

डॉ. चंदन प्रसाद ने डिजिटल युग में पंचायतों की भूमिका पर जानकारी दी—

  • ई-गवर्नेंस: पारदर्शिता और सेवा वितरण में सुधार।
  • नवाचारी समाधान: जैसे ड्रोन आधारित कृषि प्रबंधन और स्मार्ट ग्रिड प्रणाली।

अन्य विशेषज्ञों का योगदान

इसके अतिरिक्त, डॉ. अमित श्रीवास्तव, डॉ. स्वप्ना स्वेन, डॉ. अमरेश कुमार, डॉ. अजित तोह जेम्स, डॉ. चारु नैथानी, डॉ. रोहित अग्रवाल, डॉ. आशीष शर्मा, डॉ. निधि मिश्रा, डॉ. रेमिजूर रहमान, डॉ. अनिर्बान सेन गुप्ता, डॉ. मधुमिता दास, डॉ. श्रीलेखा मिश्रा और डॉ. टीना भारती ने भी पंचायत प्रबंधन विकास कार्यक्रम के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी।

प्रमाण पत्र वितरण

प्रशिक्षण समाप्ति के बाद डॉ. सुरेश कुमार और डॉ. चंदन प्रसाद द्वारा सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।

इस प्रशिक्षण से मुखियाओं को पंचायतों के विकास में नवाचारी दृष्टिकोण अपनाने और प्रभावी नेतृत्व प्रदान करने की दिशा में सशक्त बनाया गया।

संजय कुमार यादव
Author: संजय कुमार यादव

संवाददाता

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