गढ़वा | संत पॉल एकेडमी गढ़वा के अभिभावक संघ ने प्राइवेट स्कूलों की मनमानी और हर वर्ष अनियंत्रित फीस वृद्धि के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए सदर एसडीओ को ज्ञापन सौंपा।
अभिभावक संघ का कहना है कि प्राइवेट स्कूलों में शिक्षा के नाम पर मनमाने तरीके से शुल्क वसूला जा रहा है। उन्होंने अपनी शिकायत में निम्नलिखित मुख्य बिंदु उठाए:
1. री-एडमिशन शुल्क: नए सत्र के शुरू होते ही अधिकांश स्कूल पुनः प्रवेश (री-एडमिशन) के नाम पर भारी भरकम शुल्क वसूलते हैं, जो अनुचित है।
2. अतिरिक्त शुल्क: री-एडमिशन के समय अनावश्यक शुल्क जोड़कर अभिभावकों पर आर्थिक बोझ डाला जाता है।
3. बेतहाशा फीस वृद्धि: बिना किसी ऑडिट या पारदर्शी प्रक्रिया के हर साल फीस बढ़ा दी जाती है।
4. किताबें व यूनिफॉर्म: हर साल किताबें और ड्रेस बदल दी जाती हैं, जिससे अभिभावकों को अनावश्यक आर्थिक भार झेलना पड़ता है।
5. बुनियादी सुविधाओं की कमी: स्कूल फीस व नियमों को लेकर सख्त होते हैं, लेकिन शिक्षक-छात्र अनुपात, बैठने की सुविधा, शौचालय, स्वच्छ पेयजल जैसी आवश्यक सुविधाओं की अनदेखी करते हैं।
अभिभावक संघ का कहना है कि इन मुद्दों को लेकर कई बार स्कूल प्रशासन से लिखित और मौखिक चर्चा की गई, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला। स्कूल प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया, जिससे अभिभावकों की समस्याएँ जस की तस बनी हुई हैं।
एसडीओ से उचित कार्रवाई की मांग
संघ ने एसडीओ से जल्द से जल्द इस मामले में संज्ञान लेने और प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाने की मांग की है, ताकि “सर्व शिक्षा अभियान” केवल एक नारा बनकर न रह जाए।
संघ ने पहले भी स्कूल को लिखित शिकायत दी थी, जिसकी एक प्रति इस ज्ञापन के साथ संलग्न की गई है।
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अभिभावक संघ
संत पॉल ,एकेडमी गढ़वा, झारखंड।
Author: संजय कुमार यादव
संवाददाता










