सिविल सर्जन के औचक निरीक्षण से निजी अस्पताल संचालकों में मची है हड़कंप।
– कई निजी अस्पतालों में एकही एनेस्थेटिस्ट कर रहा है कार्य।
– जिले के बाहर के चिकित्सक के नाम पर अल्ट्रासाउंड केंद्र का भी हो रहा संचालन।
– शहर से 65 किमी दूर पदस्थापित चिकित्सक के नाम पर गढ़वा में क्लीनिकल एस्टेबलिशमेंट के तहत रजिस्ट्रेशन कराकर चल रहा निजी अस्पताल।
– बिना रजिस्ट्रेशन कराए ही संचालित हो रहा है होमियोपैथिक रिसर्च सेंटर।
फोटो -33 – निजी अस्पताल का निरीक्षण करते सिविल सर्जन डा.जान एफ केनेडी व अन्य।
संवाद सहयोगी, जागरण, गढ़वा : जिले में िनजी अस्पतालों के संचालन में घोर अनियमितताएं बरती जा रही हैं। क्लिनिकल एस्टेबलिशमेंट एक्ट के तहत रजिस्टर्ड क्लिनिक या निजी अस्पताल भी नियमों का अनुपालन सही तरीके से नहीं कर रहे हैं। जबकि इन अस्पतालों में धड़ल्ले से बच्चेदानी का आपरेशन भी किया जा रहा है। यह स्थिति जिला मुख्यालय में गुरुवार को सिविल सर्जन के औचक निरीक्षण में सामने आई है।
दरअसल, सिविल सर्जन डा.जान एफ केनेडी ने आज गढ़वा शहर के कचहरी रोड स्थित चंद्रिका हास्पिटल, पीएमसी हास्पिटल, मेडिका हास्पिटल, समर्पित होमियोपैथिक क्लिनिक एंड रिसर्च सेंटर आदि का औचक निरीक्षण किया। मौके पर सिविल सर्जन के साथ डीपीएम गौरव कुमार, डीडीएम सुजीत कुमार मुंडा, स्त्री रोग विशेषज्ञ डा.पुष्पा कुमारी, दंत रोग विशेषज्ञ डा.स्नेहलता राज भी मौजूद थे।
निरीक्षण दल से चंद्रिका हास्पिटल में पहुंचकर जांच किया। इस दौरान यह सामने आया कि एसडीएम गढ़वा संजय कुमार द्वारा विगत दिनों हुई जांच के बाद वहां अल्ट्रासाउंड बंद है। लेकिन माैके पर मौजूद अस्पताल के एक कर्मी ने बताया कि अल्ट्रासाउंड केंद्र मेदिनीनगर के चिकित्सक डा. कादिर परवेज के नाम पर है। वहीं क्लिनिकल एस्टेबलिशमेंट के तहत रजिस्ट्रेशन भंडरिया सीएचसी के प्रभारी डा.संजय कुमार के नाम पर चल रहा है। सिविल सर्जन ने पूछा कि गढ़वा से 65 किमी दूर पदस्थापित डा.संजय कुमार कैसे चंद्रिका हास्पिटल में आकर मरीजों का इलाज करते हैं, साथ ही उन्होंने डा.संजय से भी बात कर स्थिति से अवगत होते हुए आवश्यक निर्देश दिए। इसी तरह कचहरी रोड स्थित पीएमसी हास्पिटल में निरीक्षण के दौरान घोर अनियमितताएं सामने आई। वहां कई महिलाएं भर्ती होकर इलाजरत थी। लेकिन सिजेरियन कर प्रसव कराई एक महिला भी भर्ती मिली, जिसके बारे में पूछताछ किए जाने पर अस्पताल संचालक नुरानी अंसारी ने ओअी नोट, एनेस्थेटिस्ट, शिशुरोग विशेषज्ञ आदि के बारे में बताने के दौरान निरीक्षण टीम को बरगलाने का प्रयास करता दिखा। सिविल सर्जन ने उससे कई अावश्यक दस्तावेज मांगें और जांच की। साथ ही निर्देश भी दिए। इसके पश्चात टीम ने नवादा में ही मेनरोड पर संचालित समर्पित होमियोपैथिक क्लिनिक एंड रिसर्च सेंटर में पहुंचकर जांच किया। लेकिन उक्त रिसर्च सेंटर के बिना रजिस्ट्रेशन के ही संचालित होने की बात सामने आई, जबकि उसमें डा.अभिमन्यु पांडेय नामक विदेश से पढ़े होमियोपैथी चिकित्सक द्वारा इलाज किए जाने की बात वहां मौजूद एक स्टाफ ने जांच दल को बताया। लेकिन वह कब इलाज के लिए आते हैं,इस पर स्टाफ ठीक से नहीं बता सका। जबकि जांच दल की मौजूदगी में ही वहां दवा लेने के लिए मरीज भी आए, जिस पर सिविल सर्जन ने कहा कि यहां बिना चिकित्सक के ही मरीजों का इलाज भी हो रहा है, यह गंभीर मामला है। उन्होंने चेतावनी देते हुए उसे रजिस्ट्रेशन कराने के बाद ही क्लिनिक का संचालन करने को कहा। इसी तरह शहर के मेडिका हास्पिटल में भी निरीक्षण किया गया।
– पक्ष –
जिले के निजी अस्पतालों का लगातार निरीक्षण किया जाएगा। किसी तरह की अनियमितताएं बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मरीजों का इलाज क्वालिफाइड चिकित्सक करें, इसे सुनिश्चित करने के लिए औचक निरीक्षण किया जा रहा है। अभी निजी अस्पतालों के संचालकों को स्थिति में सुधार लाने के लिए चेतावनी दी जा रही है, नहीं सुधरे तो विधि सम्मत कड़ी कार्रवाई भी होगी।
-डा.जान एफ केनेडी, सिविल सर्जन, गढ़वा।
Author: संजय कुमार यादव
संवाददाता










