भारतीय लोक गीतों में कजरी का महत्वपूर्ण स्थान है : सुनील गुप्ता
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कला एवं साहित्य की अखिल भारतीय संस्था संस्कार भारती की गढ़वा जिला इकाई द्वारा कजरी महोत्सव का आयोजन बंधन मैरिज हॉल, नवादा मोड़ गढ़वा में किया गया।
सर्वप्रथम उपस्थित अतिथियों ने कला के सर्जक भगवान नटराज की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन कर पुष्पार्चन किया गया।
इसके बाद अपने जमाने के ख्यातिलब्ध लोक कलाकार रहे गढ़वा जिला निवासी स्वर्गीय बनवारी भगत के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।
संस्कार भारती के ध्येय गीत “साधयति संस्कार भारती भारते नवजीवनम्..” की प्रस्तुति संस्कार भारती गढ़वा जिला इकाई के संगीत संगीत-विधा संयोजक आनंद चौबे ने दी।
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कजरी को कजली नाम से भी जाना जाता है। आज के आयोजन में आकर के मुझे लगा कि गढ़वा जिले में भी लोककला के साधक अपनी साधना से समाज को बहुत कुछ दे रहे हैं। संस्कार भारती के आयोजन भारतीय कला-संस्कृति को पल्लवित पुष्पित करने वाले होते हैं। हम सभी को संस्कार भारती के हर आयोजन में सहयोग करना चाहिए।
विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित संस्कार भारती बलरामपुर (छत्तीसगढ़) जिला के अध्यक्ष सुनील गुप्ता ने कहा कि लोक कला की सभी विधाओं में कजरी का विशेष स्थान है। इस कला के साधकों को उचित मंच और सम्मान निरंतर मिलना चाहिए।
संस्कार भारती झारखंड प्रांत के मंत्री नीरज श्रीधर स्वर्गीय ने कहा कि कजरी विधा के गायकों और बाधकों का अखिल भारतीय स्तर पर कोई बड़ा आयोजन होना चाहिए।
इसके बाद कजरी का विस्तृत परिचय देते हुए एक कजरी की प्रस्तुति गढ़वा जिले के प्रसिद्ध लोक गायक दयानंद तिवारी व्यास द्वारा दी गई जिसने सभी लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इनके अतिरिक्त गिरिवर सिंह, पवन दीवाना, राम प्रीत सिंह, नरेंद्र अनमोल, संजय पासवान, हैप्पी चंद्रम, पवन झारखंड, पूजा कैमूरी, सविंदा राज, सूरज तहलका, राकेश मस्ताना, रजनीकांत व्यास, अनुज कुमार, कुणाल तिवारी, कुंदन पाण्डेय, विवेक संजीत दीवाना, प्रेम दीवाना व्यास, निधि राज आदि ने एक से एक बढ़कर एक कजरी की प्रस्तुति दी जिससे उपस्थित दर्शक मस्ती में झूम उठे।
इस अवसर पर संस्कार भारती गढ़वा जिला अध्यक्ष मदन प्रसाद केशरी, संस्कार भारती मेदिनीनगर के उपाध्यक्ष प्रभाकर मिश्र, वरिष्ठ पत्रकार सियाराम शरण वर्मा, फिल्म निर्माता दयाशंकर गुप्ता, सारेगामा म्यूजिकल कारवाँ के निदेशक उमेश विश्वकर्मा, मानस मंडली के अरुण दुबे, द्वारकानाथ पांडेय, आत्मा पांडेय, समाजसेवी दौलत सोनी, उद्घोषक अरुण कुमार पांडेय, समाजसेवी संतोष मिश्र, संगीत निर्देशक बसंत कुमार रवि, संस्कार भारती गढ़वा जिला इकाई के मंचीय कला संयोजक प्रेम दीवाना व्यास, ज्योतिषी श्याम नारायण पांडेय, वरिष्ठ पत्रकार सियाराम शरण वर्मा, संतोष पुरी, यज्ञाचार्य विपिन तिवारी, समाजसेवी गौतम ऋषि, अरविंद जायसवाल, माइकल जेम्ससन, अजय महतो, शिव शंकर महतो आदि उपस्थित थे।
कार्यक्रम का सफल संचालन संस्कार भारती पलामू विभाग प्रमुख डॉक्टर शंभू कुमार तिवारी ने किया।
आयोजन को सफल बनाने में प्रेम दीवाना व्यास, प्रभाकर मिश्रा, संतोष पुरी, पवन कुमार पाण्डेय, ललन सोनी, श्याम नारायण पांडेय आदि का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
“वन्दे मातरम्…” के सामूहिक गान के साथ कजरी महोत्सव संपन्न हुआ।
Author: संजय कुमार यादव
संवाददाता










