गढ़वा (संवाददाता) : भवनाथपुर निवासी 27 वर्षीय पूनम देवी की जिंदगी में आठ साल बाद मातृत्व का सपना पूरा हुआ। शादी के बाद से ही वह माँ बनने को लेकर संघर्ष कर रही थीं। दो बार प्रेगनेंसी होने के बावजूद दोनों ही बार गर्भपात हो गया। इससे वह गहरे तनाव और निराशा में चली गईं। समाज का दबाव और मन में उठते सवाल उनके आत्मविश्वास को तोड़ने लगे।
लेकिन पूनम देवी ने हिम्मत नहीं हारी। सही इलाज की तलाश उन्हें परमेश्वरी मेडिकल सेंटर, गढ़वा तक ले आईं। यहाँ डॉ. नीतू सिंह की देखरेख में उनकी पूरी जांच की गई और व्यक्तिगत ट्रीटमेंट प्लान तैयार किया गया। नियमित मॉनिटरिंग और दवाइयों की सही गाइडेंस से आखिरकार उन्हें सफलता मिली और उन्होंने स्वस्थ शिशु को जन्म दिया।
आज पूनम देवी अपनी गोद में नन्हे शिशु को लिए खुशी के आँसू के साथ कहती हैं— “अगर सही समय पर सही डॉक्टर और सही इलाज मिल जाए, तो कोई सपना अधूरा नहीं रहता।”
यह कहानी उन सभी महिलाओं के लिए प्रेरणा है, जो प्रेगनेंसी को लेकर संघर्ष कर रही हैं। धैर्य, सही इलाज और विश्वास ही माँ बनने की कुंजी है।
Author: संजय कुमार यादव
संवाददाता










