सहीजना में भक्तिमय माहौल में मनाया गया श्रीकृष्ण जन्मोत्सव,

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आचार्य रवि कृष्ण शास्त्री ने कहा— “जब-जब बढ़ती है अधर्म की पीड़ा, तब-तब अवतार लेते हैं कृपानिधान भगवान”

गढ़वा :दुर्गा पूजा के पावन अवसर पर बाबा सोमनाथ मंदिर प्रांगण, सहीजना में आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के पंचम पूजा की रात्रि प्रवचन के दौरान आचार्य रवि कृष्ण शास्त्री ने भगवान के अवतार और धर्म की स्थापना पर विस्तार से प्रकाश डाला। इस दौरान कथा पंडाल में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया, जिससे पूरा प्रांगण भक्तिमय हो उठा।
​प्रवचन के दौरान आचार्य श्री ने रामचरितमानस की प्रसिद्ध पंक्तियों— “जब-जब होई धरम की हानि, बाढ़हिं असुर अधम अभिमानी” का सुंदर व्याख्यान करते हुए कहा कि जब-जब संसार में धर्म की हानि होती है और नीच तथा अभिमानी राक्षस बलवान होकर अन्याय और अत्याचार की सीमा लांघ देते हैं, जिससे ब्राह्मण, गौ, देवता और संत-सज्जन पीड़ित होते हैं, तब-तब कृपानिधान भगवान विभिन्न दिव्य शरीर धारण कर सज्जनों के कष्टों को हरते हैं। भगवान ऐसे पापियों का नाश कर वेदों की मर्यादा की रक्षा करते हैं और जगत् में अपना निर्मल यश फैलाते हैं।
​भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की सजीव झांकी
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के इस विशेष अवसर पर मंदिर परिसर में भगवान श्रीकृष्ण को कारागार (जेल) से निकालकर सुरक्षित द्वारिका पहुँचाने की एक अत्यंत आकर्षक और सजीव झांकी निकाली गई, जिसे देखकर उपस्थित श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए। नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की… के जयकारों से पूरा प्रांगण गूंज उठा।
​श्रद्धालुओं ने किया आचार्य का स्वागत
कार्यक्रम के पूर्व रामेश्वर दुबे, सीताराम दुबे, प्रवेश दुबे, राजेंद्र प्रसाद, हृषिकेश दुबे और आकांक्षा दुबे आदि गणमान्य लोगों द्वारा आचार्य रवि कृष्ण शास्त्री को माला पहनाकर भव्‍य स्वागत किया गया तथा श्रीमद्भागवत जी की विधिवत आरती उतारी गई।
​इस धार्मिक अनुष्ठान और उत्सव में वार्ड पार्षद सत्यवती देवी, अखिलेश तिवारी, इंदु भूषण मिश्रा, अजीत सिंह, कमलेश सिन्हा, सूर्य प्रकाश सिंह, प्रियांशु तिवारी सहित बड़ी संख्या में माताएँ, बहनें और पुरुष श्रद्धालु उपस्थित हुए।

संजय कुमार यादव
Author: संजय कुमार यादव

संवाददाता

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