गढ़वा पूर्व जिला पार्षद महिला नेत्री उमा देवी ने कहा कि एक महिला अपने दोनों कूल को लेकर चलती है, दोनों कूल की मान मर्यादा के बारे में सोचती है, सबसे पहले जागती है, और सबसे बाद में सोती है। अपने परिवार के स्वास्थ कि बागडोर अपनी हाथों में लेती है। घर की सफाई, बर्तन कि सफाई, कपड़ों की सफाई, बच्चों को स्कूल कि तैयारी, पति को ऑफिस या दुकान भेजने कि तैयारी, बीमार जनों कि सेवा, अपने रिश्तेदारों का ख्याल, अपने कष्ट सहकर दूसरों को सुख देने कि मानो उनलोगों ने कसमें खाई हों।
जिस घर में महिलाओं का सम्मान होता है, उस घर में मां लक्ष्मी का बास होता है। मै आज सभी माताओं, बहनों के चरणों में शत शत नमन करते हुए उन्हें हार्दिक शुभकामनाएं देना चाहता हूं, और भगवान श्री विष्णु जी से प्रार्थना करता हूं कि महिला दिवस के अवसर पर, संसार के सभी महिलाओं को हर प्रकार से रक्षा करें।
Author: संजय कुमार यादव
संवाददाता










