गढ़वा वर्तमान JTET परीक्षा में भोजपुरी, मगही और अंगिका भाषाओं को शामिल किए जाने की संभावना फिलहाल कम दिखाई दे रही है। सूत्रों के अनुसार, विज्ञापन जारी होने के बाद सिलेबस में बदलाव करना कानूनी रूप से जटिल माना जाता है।
यदि परीक्षा प्रक्रिया के बीच नई भाषाएँ जोड़ी जाती हैं, तो मामला कोर्ट में चुनौती का सामना कर सकता है। इससे पूरी परीक्षा प्रक्रिया प्रभावित होने या रद्द होने का जोखिम बढ़ सकता है।
हालाँकि, विभाग भविष्य की JTET परीक्षाओं में भोजपुरी, मगही और अंगिका को शामिल करने पर विचार कर सकता है। अभ्यर्थियों को फिलहाल जारी सिलेबस और आधिकारिक निर्देशों के अनुसार ही तैयारी करने की सलाह दी गई है।
Author: संजय कुमार यादव
संवाददाता
Post Views: 469










