गढ़वा। शहर के सहिजना मोहल्ला स्थित बाबा सोमनाथ मंदिर प्रांगण में आयोजित नौ दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा व शारदीय नवरात्र महोत्सव के षष्ठी दिवस पर भक्ति और आनंद का अनोखा संगम देखने को मिला।
अयोध्या से पधारे कथा व्यास आचार्य रवि कृष्ण शास्त्री ने छठे दिन भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने माखन चोरी, पूतना वध, कालिया नाग मर्दन तथा गोवर्धन पूजा एवं छप्पन भोग के प्रसंगों को बड़े ही रसमय ढंग से सुनाया।
कथा व्यास ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य के बाद कंस ने उन्हें मरवाने के लिए अपनी राज्य की सबसे बलवान राक्षसी पूतना को भेजा। पूतना वेश बदलकर जहरीला दूध पिलाने आई, लेकिन प्रभु ने उसका भी उद्धार कर दिया।
उन्होंने कहा कि प्रभु की माखन चोरी कोई साधारण चोरी नहीं, बल्कि भक्त के निर्मल मन रूपी माखन को स्वीकार करने की दिव्य लीला थी।
कालिया नाग मर्दन प्रसंग सुनाते हुए आचार्य श्री ने कहा कि यमुना को विषैले नाग से मुक्त कराने की यह लीला मनुष्य के भीतर छिपे अहंकार और दुर्गुणों के दमन का संदेश देती है।
इसके बाद कार्तिक माह में जब ब्रजवासी भगवान इंद्र की पूजा की तैयारी कर रहे थे, तब श्रीकृष्ण ने उन्हें इंद्र के बजाय गोवर्धन महाराज की पूजा करने को कहा। यह सुनकर क्रोधित इंद्र ने मूसलाधार वर्षा शुरू कर दी। ब्रजवासियों को परेशान देख भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी कनिष्ठा अंगुली पर विशाल गोवर्धन पर्वत धारण कर सभी नगरवासियों को उसकी शरण में बुला लिया। अंत में हार कर इंद्र को एक सप्ताह बाद वर्षा बंद करनी पड़ी और पूरे ब्रज में गोवर्धन महाराज और श्रीकृष्ण के जयकारे गूंज उठे।
आचार्य जी ने लीलाओं का ज्ञान रहस्य समझाते हुए कहा, भगवान श्रीकृष्ण की प्रत्येक लीला के पीछे एक गहरा ज्ञान रहस्य छिपा है। प्रभु भक्त को आनंद की अनुभूति कराने और सच्चे ज्ञान का मार्ग दिखाने के लिए ही लीलाएं रचते हैं। भगवान को कभी भी व्यक्ति का अहंकार या घमंड स्वीकार नहीं, बल्कि केवल सच्चा प्रेम, विनम्रता और पूर्ण समर्पण ही प्रिय है।
कथा के दौरान भजनों पर श्रद्धालु झूमते रहे। इसके पूर्व युवा समाजसेवी कमल किशोर चौबे ने श्रीमद्भागवत महापुराण की आरती की वही वार्ड पार्षद सत्यवती देवी, आकांक्षा ने महापुराण पर माल्यार्पण किया जबकि रामाधार दुबे, अखिलेश तिवारी, के सी मिश्रा आदि ने आचार्य श्री का माल्यार्पण किया।समापन पर महाआरती हुई और प्रसाद वितरण किया गया।
Author: संजय कुमार यादव
संवाददाता









