गढ़वा। भाजपा जिला मीडिया प्रभारी रितेश चौबे ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) पर निशाना साधते हुए गढ़वा विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी के खिलाफ राजनीतिक साजिश रचने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि विधायक के आवास का घेराव, प्रदर्शन और पुतला दहन जनता को भ्रमित करने की कोशिश है। चौबे ने आरोप लगाया कि झामुमो आदिवासी समाज के मुद्दों का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए कर रही है।
रितेश चौबे ने कहा कि गढ़वा विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी को बदनाम करने के उद्देश्य से झामुमो के लोग लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। उनके अनुसार, विधानसभा चुनाव में हार के बाद विधायक के खिलाफ इस तरह की गतिविधियां बढ़ी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि झामुमो समाज में उकसावे की राजनीति कर रही है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है।
भाजपा जिला मीडिया प्रभारी ने कहा कि झामुमो आदिवासी समाज के हितों की बात करती है, लेकिन उसके शासनकाल में समाज के विकास के लिए अपेक्षित कार्य नहीं किए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि झामुमो नेताओं ने आदिवासी समाज के वोट का राजनीतिक लाभ उठाया है। चौबे ने पूर्व मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर के वर्ष 2019 से 2024 तक के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए आदिवासी समाज से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि गढ़वा विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी ने किसी का अपमान नहीं किया है। इसके बावजूद उनके खिलाफ आवास घेराव और पुतला दहन जैसे कार्यक्रम आयोजित कर राजनीतिक माहौल बनाने का प्रयास किया जा रहा है। चौबे ने आरोप लगाया कि झामुमो अब कांग्रेस की राजनीतिक राह पर चलते हुए समाज में मतभेद पैदा करने का प्रयास कर रही है।
रितेश चौबे ने आगे कहा कि आदिवासी समाज के लोग सरल और मेहनती होते हैं, लेकिन उनके नाम पर राजनीति करने वाले नेताओं को समाज के वास्तविक विकास पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने आदिवासी समाज की जमीन से जुड़े मामलों का जिक्र करते हुए झामुमो नेताओं की भूमिका पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि जनता राजनीतिक दलों के आरोप-प्रत्यारोप और उनके कार्यकाल का आकलन कर रही है। चौबे ने झामुमो से समाज को बांटने के बजाय विकास के मुद्दों पर राजनीति करने की अपील की।
Author: संजय कुमार यादव
संवाददाता









