नवरात्र पर सहीजना में भागवत कथा शुरू, आचार्य रवि कृष्ण शास्त्री ने कहा – अहंकार ही विनाश का कारण

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गढ़वा।* शहर के सहीजना स्थित बाबा सोमनाथ मंदिर पूजा पंडाल में शारदीय नवरात्र के प्रथम दिवस पर आयोजित 9 दिवसीय श्रीमद भागवत कथा के प्रथम रात्रि प्रवचन में अयोध्या से पधारे कथा व्यास आचार्य रवि कृष्ण शास्त्री ने भक्तों को भक्ति और जीवन का सार समझाया। प्रवचन कार्यक्रम का उद्घाटन गढ़वा नगर परिषद अध्यक्ष आशीष कुमार सोनी उर्फ दौलत सोनी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

इस मौके पर अध्यक्ष आशीष सोनी ने इस आयोजन के लिए पूजा समिति को बधाई दी।श्रीमद भागवत कथा का प्रवचन करते हुए आचार्य रवि कृष्ण शास्त्री ने कहा कि व्यक्ति के जीवन के विनाश का कारण ‘मैं’ यानी अहंकार है। जब तक जीवन में ‘मैं’ रहेगा, तब तक कल्याण संभव नहीं है।

आचार्य श्री ने कहा कि भगवान मेवा नहीं, भाव देखते हैं। निर्मल मन होता है तभी प्रभु की कृपा होती है। भगवान को कपटी मनुष्य कभी पसंद नहीं आते, भगवान तो प्रेम के भूखे हैं। सच्चे मन से किया गया स्मरण ही उन्हें प्रिय है।

उन्होंने कहा कि मन ही मोक्ष और बर्बादी का कारण है। हृदय में परमात्मा को बैठाओ तभी मन शुद्ध होगा। जब तक हम संस्कारवान नहीं होंगे, तब तक मोक्ष की प्राप्ति नहीं हो सकती।

परमात्मा के स्वरूप की व्याख्या करते हुए उन्होंने बताया कि भगवान के तीन रूप हैं सत्, चित् (प्रकाश) और आनंद। परमात्मा सामर्थ्यवान है और वही इस सृष्टि का संचालन करता है। इस अवसर पर गढ़वा नगर परिषद के अध्यक्ष आशीष कुमार सोनी उर्फ दौलत सोनी ने आचार्य रवि कृष्ण शास्त्री एवं उनकी टीम को माल्यार्पण कर एवं अंगवस्त्र प्रदान कर उनका सम्मान किया। इस मौके पर वार्ड पार्षद सत्यवती देवी, अखिलेश कुमार तिवारी, पूजा समिति के अजीत सिंह, संयोजक सूर्य प्रकाश सिंह,प्रियांशु तिवारी, इंदु भूषण मिश्रा आदि समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन मिथिलेश कुमार सिन्हा ने किया।

मंदिर समिति द्वारा बताया गया कि यह कथा पूरे 9 दिनों तक चलेगी। प्रतिदिन शाम में कथा का आयोजन होगा, जिसके बाद महाआरती एवं प्रसाद वितरण किया जाएगा।

संजय कुमार यादव
Author: संजय कुमार यादव

संवाददाता

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