सच्चे मन से सुदामा-कृष्ण चरित्र सुनने से दूर होते हैं सारे दुख : आचार्य रवि कृष्ण शास्त्री

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बाबा सोमनाथ मंदिर में संपन्न हुई नौ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा

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गढ़वा। शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर शहर के सहिजना स्थित बाबा सोमनाथ मंदिर पूजा समिति द्वारा आयोजित नौ दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का समापन सोमवार को भव्य रूप से संपन्न हो गया। समापन दिवस पर अयोध्या से पधारे कथा व्यास आचार्य रवि कृष्ण शास्त्री जी ने भगवान के प्रिय भक्त सुदामा चरित्र और परीक्षित मोक्ष की कथा सुनाई।

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आचार्य श्री ने कहा कि जब राजा परीक्षित ने शुकदेव जी से पूछा कि प्रभु कभी दीन-दुखियों पर भी कृपा किए हैं, तब शुकदेव जी ने उन्हें सुदामा का पावन चरित्र सुनाया। भगवान श्रीकृष्ण और उनके बालसखा सुदामा की मित्रता सच्ची मित्रता और समर्पण की मिसाल है। सुदामा अपनी गरीबी और कष्टों में भी कृष्ण के प्रति अटूट प्रेम रखते थे। जब वे द्वारका पहुंचे, तो श्रीकृष्ण ने अपने मित्र का राजसी सत्कार किया और बिना कुछ मांगे ही उनकी गरीबी दूर कर उन्हें अपार समृद्धि प्रदान की।

उन्होंने कहा कि शास्त्र कहता है कि जो भक्त श्रद्धा और प्रेम से श्री सुदामा-कृष्ण के इस पावन चरित्र को श्रवण करता है, प्रभु उसके जीवन के समस्त दुखों का नाश करते हैं, जैसे प्रभु ने सुदामा जी के दुखों का निवारण किया।

वहीं परीक्षित मोक्ष प्रसंग में उन्होंने बताया कि शुकदेव जी द्वारा राजा परीक्षित को सात दिनों तक भागवत कथा सुनाई गई। सातवें दिन तक्षक नाग के काटने के बाद भी राजा परीक्षित के मन से मृत्यु का भय समाप्त हो गया और वे भगवतधाम को प्राप्त हुए।

कथा समापन के पश्चात मंदिर समिति द्वारा महाराज जी को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह देकर विदाई दी गई। साथ ही नौ दिनों तक कथा के सफल आयोजन में सहयोग करने वाले युवा टीम के संयोजक सूर्य प्रकाश सिंह, प्रियांशु तिवारी, सत्यम सिंह समेत मंदिर समिति के सभी सदस्यों को भी सम्मानित किया गया।
मौके पर वार्ड पार्षद सत्यवती देवी ने आचार्य रवि कृष्ण शास्त्री और उनकी पूरी टीम को इस सेवा कार्य के लिए आभार व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने पुनः अगले वर्ष पधारने का अनुरोध किया। धन्यवाद ज्ञापन अखिलेश तिवारी एवं कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर कमलेश सिन्हा ने किया।

संजय कुमार यादव
Author: संजय कुमार यादव

संवाददाता

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