वोट चोरी के नाम पर संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करना बंद करें राहुल गांधी : सूरज सिंह

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गढ़वा पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन विभाग के झारखंड चेयरमैन सह भाजपा युवा नेता सूरज सिंह ने नई दिल्ली के रामलीला मैदान में राहुल गांधी के भाषण पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि कांग्रेस अपनी राजनीतिक विफलताओं का ठीकरा संवैधानिक संस्थाओं पर फोड़ने की कोशिश कर रही है।

वोट चोरी के नाम पर निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर गंभीर आरोप लगाकर जनता में अविश्वास पैदा करना गैर-जिम्मेदाराना राजनीति है।

सूरज सिंह ने कहा कि राहुल गांधी 2025-26 के विशेष गहन पुनरीक्षण में चिह्नित लगभग 13.39 करोड़ मतदाता प्रविष्टियों के आधार पर 2024 के लोकसभा चुनाव को अवैध बता रहे हैं। इनमें मृत, स्थानांतरित, अनुपस्थित और

दोहरे पंजीकरण की प्रविष्टियां भी शामिल हैं। बाद में हुए पुनरीक्षण के आंकड़े अपने आप में पिछले चुनाव में ह्यवोट चोरी का प्रमाण कैसे हो गए।

यदि किसी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से हटाया गया है तो कांग्रेस बूथवार साक्ष्य प्रस्तुत करे। सर्वोच्च न्यायालय भी 27 मई 2026 को बिहार में SIR की वैधानिकता स्वीकार कर चुका है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को आरोप लगाने से पहले आधिकारिक रिकॉर्ड पढ़ना चाहिए। 2024 के लोकसभा चुनाव में राजीव कुमार मुख्य

निर्वाचन आयुक्त थे, जबकि ज्ञानेश कुमार ने 15 मार्च 2024 को चुनाव आयुक्त का पदभार संभाला था। वह 19 फरवरी 2025 को मुख्य निर्वाचन आयुक्त बने। ऐसे में ज्ञानेश कुमार के बिना नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नहीं बन सकते थे, जैसे राहुल गांधी के आरोप पूरी तरह से बेतुके हैं।

ज्ञानेश कुमार को जेल भेजने की घोषणा पर सूरज सिंह ने कहा कि राहुल गांधी एक ओर ह्यमोहब्बत की दुकान की बात करते हैं, दूसरी ओर संवैधानिक पदाधिकारी को बिना दोषसिद्धि जेल भेजने की घोषणा करते हैं।

किसी व्यक्ति को अपराधी घोषित करने और दंड देने का अधिकार न्यायपालिका को है, रामलीला मैदान की भीड़ को नहीं। देश की न्यायपालिका, निर्वाचन आयोग और अन्य संस्थाओं पर कब्जे के आरोप भी गंभीर, निराधार और जनता को भ्रमित करने वाले हैं।

संजय कुमार यादव
Author: संजय कुमार यादव

संवाददाता

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