सीआरपीएफ हवलदार का शव पहुंचा हुसैनाबाद, सोन नदी में हुआ अंतिम संस्कार

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परिजनों ने विभागीय प्रताड़ना का आरोप लगाकर निष्पक्ष जांच की मांग की

पलामू। रांची के तिरिल स्थित सीआरपीएफ कैंप में रविवार को अपने सर्विस हथियार से गोली लगने से मृत हुसैनाबाद निवासी सीआरपीएफ हवलदार भुनेश्वर पाल का शव सोमवार को पैतृक आवास हुसैनाबाद लाया गया। शव पहुंचते ही परिवार और ग्रामीणों में मातम छा गया। बड़ी संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे।

सीआरपीएफ अधिकारियों ने तिरंगे में लिपटा शव परिजनों को सौंपा। इसके बाद जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर के साथ उन्हें अंतिम सलामी दी। बाद में जपला स्थित सोन नदी मुक्ति धाम में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।

मौके पर सीआरपीएफ के अधिकारी और जवानों के अलावा हुसैनाबाद थाना प्रभारी चंदन कुमार, वार्ड पार्षद राजेंद्र पाल, पूर्व सैनिक तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

भुनेश्वर पाल के परिवार में पत्नी, तीन बच्चे, पिता, दादी समेत अन्य सदस्य हैं। घटना के बाद परिजनों ने विभागीय प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

मृतक सीआरपीएफ हवलदार की बेटी अलका प्रिया ने बताया कि 26 सितंबर की रात उनके पिता ने फोन पर विभागीय काम को लेकर परेशानी की बात कही थी। उनके अनुसार, पिता ने एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा डांटने और काम को लेकर दबाव बनाए जाने की बात कही थी। अलका ने बताया कि उनके पिता ने नौकरी को लेकर चिंता भी जाहिर की थी।

परिजनों के अनुसार, मेस ड्यूटी के दौरान भी भुनेश्वर पाल कई बार व्यस्त और परेशान रहने की बात कहते थे। बेटी अलका प्रिया ने कहा कि घटना से पहले पिता से हुई बातचीत के आधार पर परिवार चाहता है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और यह स्पष्ट किया जाए कि किन परिस्थितियों में उन्होंने यह कदम उठाया।

हालांकि, विभागीय दबाव या प्रताड़ना से जुड़े परिजनों के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले की जांच के बाद ही घटना के पीछे की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।

संजय कुमार यादव
Author: संजय कुमार यादव

संवाददाता

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